आज का पंचांग 10 जुलाई 2026: एकादशी व्रत, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

10 जुलाई 2026, शुक्रवार के पंचांग में आषाढ़ कृष्ण एकादशी, भरणी एवं कृत्तिका नक्षत्र, मेष से वृषभ में चंद्रमा का गोचर, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, चौघड़िया, ग्रहों की स्थिति तथा यात्रा संबंधी शुभ-अशुभ संकेतों की विस्तृत जानकारी पढ़ें.

Aaj Ka Panchang 10 July 2026 : धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से 10 जुलाई 2026, शुक्रवार का दिन विशेष महत्व रखता है. इस दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी. भरणी एवं कृत्तिका नक्षत्र का संयोग, चंद्रमा का मेष से वृषभ राशि में प्रवेश तथा कई शुभ-अशुभ योग दिनभर के कार्यों को प्रभावित करेंगे. आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग.

आज का पंचांग (10 जुलाई 2026, शुक्रवार)


  • वार: शुक्रवार
  • पक्ष: आषाढ़ कृष्ण पक्ष
  • तिथि: एकादशी
  • द्वादशी प्रारंभ: रात्रि 01:21 बजे (11 जुलाई 2026)
  • नक्षत्र: भरणी
  • कृत्तिका नक्षत्र प्रारंभ: सुबह 09:48 बजे
  • योग: शूल
  • गंड योग प्रारंभ: रात्रि 01:43 बजे (11 जुलाई 2026)
  • विक्रम संवत: 2083
  • ऋतु: ग्रीष्म


सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्योदय: सुबह 05:14 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:45 बजे

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • चंद्रोदय: रात्रि 01:32 बजे (11 जुलाई 2026)
  • चंद्रास्त: दोपहर 02:45 बजे


ग्रहों की स्थिति

  • सूर्य: मिथुन राशि
  • चंद्रमा: मेष राशि (दोपहर 03:25 बजे तक), तत्पश्चात वृषभ राशि
  • मंगल: वृषभ राशि
  • बुध: मिथुन राशि
  • गुरु: कर्क राशि
  • शुक्र: सिंह राशि
  • शनि: मीन राशि
  • राहु (वक्री): कुम्भ राशि
  • केतु (वक्री): सिंह राशि

दिन का चौघड़िया

  • चर: सुबह 05:14 से 06:57 बजे तक
  • लाभ: सुबह 06:57 से 08:37 बजे तक
  • अमृत: सुबह 08:37 से 10:21 बजे तक
  • काल: सुबह 10:21 से 11:38 बजे तक
  • शुभ: सुबह 11:38 से 01:50 बजे तक
  • रोग: दोपहर 01:50 से 03:25 बजे तक
  • काल: शाम 03:25 से 04:45 बजे तक
  • शुभ: शाम 04:45 से 06:50 बजे तक


लग्न


राहुकाल

सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक


अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक


दिशाशूल

पश्चिम दिशा

यात्रा विचार

यदि किसी आवश्यक यात्रा पर जाना हो तो घर से निकलने से पहले दही का सेवन करें. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ऐसा करने से यात्रा में सफलता और लाभ की प्राप्ति होती है.

आज का विशेष ज्योतिषीय संकेत

आषाढ़ कृष्ण एकादशी के साथ भरणी और कृत्तिका नक्षत्र का संयोग आध्यात्मिक साधना, व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना गया है. वहीं राहुकाल और काल चौघड़िया में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >