Alert in Jharkhand : सार्वजनिक स्थलों और आर्मी कैंप इलाकों की बढ़ी निगरानी, साइबर पेट्रोलिंग भी शुरू

Alert in Jharkhand : नेताओं की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सभी जिलों के एसपी को अलर्ट किया गया. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक उपक्रम, तेल डिपो आदि की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ायी गयी. राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित धार्मिक स्थलों की भी विशेष निगरानी के लिए अलर्ट किया गया.

Alert in Jharkhand : भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुई साइबर अटैक के खतरे को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर पेट्रोलिंग शुरू की गयी है. इसके जरिये विभिन्न सोशल साइट पर निगरानी रखने का काम किया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय के स्तर से सुरक्षा के दृष्टिकोण से राज्य के सभी जिलों में विशेष रूप से अलर्ट किया गया है. इसमें राज्य के महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर भी अलर्ट किया गया है. इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे, सार्वजनिक उपक्रम, तेल डिपो, आर्मी के कैंप इलाके में सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से अलर्ट रहने को कहा गया है.

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में सेना के मूवमेंट के दौरान सुरक्षा को लेकर निर्देश दिये गये हैं. मूवमेंट के दौरान आर्मी का कोई गाड़ी ट्रैफिक जाम में नहीं फंसे. इसे लेकर सेना के मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है. इसके अलावा सेना को पुलिस के स्तर से विशेष सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित धार्मिक स्थल पर भी सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखने के लिए अलर्ट किया गया है. इन सभी बिंदु के अलावा सुरक्षा के दृष्टिकोण से अन्य महत्वपूर्ण बिंदु पर भी निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा को लेकर कोई समस्या उत्पन्न नहीं हो.

आपात स्थितियों में भी इमरजेंसी सेवाओं को मिलती रहेगी बिजली

पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा और तैयारियों को लेकर विशेष चिंता उभरने लगी है. ऐसे में ऊर्जा मुख्यालय भी अपने आधारभूत संरचनाओं के साथ ही मॉकड्रिल कर खुद को विषम परिस्थितियों के लिए तैयार कर रहा है. स्मार्ट सिटी में बिजली आपूर्ति के लिए गैस इंसुलेटेड ग्रिड सबस्टेशन (जीआइएस) स्थापित किया गया है. यह सबस्टेशन किसी इमरजेंसी की स्थिति उत्पन्न होने पर भी, 24 गुणा 7 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करायेगा. इससे किसी आपात स्थिति में इमरजेंसी सेवाओं को बिजली देकर चालू रखा जा सकेगा. गैस इंसुलेटेड पावर सब स्टेशन अब तक की सबसे नवीनतम तकनीक है. इसमें मेंटेनेंस की जरूरत नहीं होती. जीआइएस सिस्टम सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा. सबस्टेशन में गैस कूलेंट होने की वजह से ओवरहीट की समस्या होने पर भी ग्रिड सबस्टेशन से लगातार पावर सप्लाई जारी रखी जा सकती है.

रिम्स और सदर अस्पताल अलर्ट मोड में, दोनों जगह बेड रिजर्व

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए रिम्स ने आपात स्थिति से निबटने की तैयारी की है. रिम्स में 50 ऑक्सीजन बेड चिह्नित किये गये हैं. यह बेड न्यू ट्रॉमा सेंटर, पेइंग वार्ड और कॉटेज में चिह्नित हैं. यह फैसला शुक्रवार को रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. आवश्यकतानुसार 50 ऑक्सीजन बेड बढ़ाये जायेंगे. इसके अलावा 50 स्टाफ नर्स, 50 पारा मेडिकल स्टाफ को भी चिहत किया गया है. 15 व्हील चेयर व 16 ट्रॉली को भी अलग से रिजर्व रख लिया गया है. मेडिसिन, सर्जिकल उपकरण और अन्य सामानों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. रिम्स में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम गठित की जा रही है. इसमें विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल रहेंगे. रांची के सदर अस्पताल में भी तैयारी है. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ बिमलेश कुमार सिंह ने बताया कि अलग से 20 बेड तैयार रखे गये हैं. डॉक्टरों की एक अलग टीम बना दी गयी है. दवाओं का भंडारण भी कर लिया गया है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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