क्या तमिलनाडु में सरकार बना पाएंगे विजय या फिर एआईएडीएमके के सहयोग से बनेगा कोई नया समीकरण?

Will Vijay Form Government : क्या तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके सरकार बना पाएगी? यह आशंका इसलिए उत्पन्न हो रही है क्योंकि विजय की पार्टी बहुमत पाते-पाते 10 सीटों से पीछे रह गई है. बुधवार को विजय ने सरकार बनाने का दावा राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के सामने पेश किया है, वे गुरुवार सुबह को भी उनसे मिलने पहुंचे हैं. राज्यपाल ने 5 मई को तमिलनाडु विधानसभा को भंग तो कर दिया है, लेकिन अभी तक किसी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया है. विजय की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए पहला मौका विजय को मिलेगा यह तो तय है, लेकिन राजनीति के दांवपेंच से अनभिज्ञ विजय सरकार बनाने में कितना सफल होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा. राज्यपाल भी यह चाहते हैं कि वे पहले अपने पास बहुमत जमा कर लें, तभी उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया जाए, ताकि प्रदेश में एक स्थिर बने.

Will Vijay Form Government : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम में एक्टर विजय की टीवीके(Tamilaga Vettri Kazhagam) बहुमत से 10 सीट पीछे रह गई है.234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें एक पार्टी या गठबंधन के पास होने चाहिए. टीवीके को चुनाव में 108 सीटें मिली हैं. राज्यपाल ने उन्हें अभी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया है और डीएमके और एआईएडीएमके भी अगर साथ आ जाए, तब भी उनके पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. इन परिस्थितियों में तमिलनाडु में सरकार कैसे बनेगी और क्या है विजय की रणनीति यह समझने के लिए पढ़ें यह खास आलेख.

स्टालिन ने कहा-विजय को सरकार बनाने दें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि हम कोई संवैधानिक संकट उत्पन्न नहीं करना चाहते हैं. हम यह चाहते हैं विजय सरकार बनाएं और अपने वादों को पूरा करें. हम छह महीने तक कोई बाधा पैदा नहीं करेंगे. स्टालिन का यह बयान बड़ा मैसेज देता है और यह बताता है कि विजय के पास यह आजादी है कि वह सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में अपना सरकार बनाने का दावा राज्यपाल को पेश करें और 10 सांसदों को अपने पक्ष में करके सरकार बनाए.

दो बार राज्यपाल से मिल चुके हैं विजय

टीवीके संस्थापक विजय बुधवार शाम को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिले और उनके सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया.विजय ने राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन का पत्र भी सौंपा है. उन्हें राज्यपाल ने 118 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ गुरुवार को बुलाया था और विजय 7 मई को राज्यपाल से मिलने दोबारा पहुंचे भी हैं. उम्मीद की जा रही है कि विजय उनके सामने 118 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपने गए हैं. संभावना जताई जा रही है कि संभवत: राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें. हालांकि बुधवार को जब राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया तो कयासों का दौर जारी रहा. सरकार बनाने के अन्य विकल्पों पर भी चर्चा होती रही.

तमिलनाडु में सरकार बनाने का ये हो सकता है समीकरण

तमिलनाडु में सरकार बनाने के दो ही विकल्प नजर आ रहे हैं. पहला तो यह कि टीवीके जो प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी है और बहुमत के जादुई आंकड़े से कुछ ही कदम दूर है, वह कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों सहित अन्य छोटी पार्टियों के सहयोग से सरकार बनाए. विजय ने सीपीआई, वीसीके और आईयूएमएल जैसी पार्टियों को समर्थन के लिए पत्र लिख भी दिया है. एआईएडीएमके भी काफी बिखरी हुई पार्टी है और संभव है कि वहां से कुछ लोग विजय के साथ चले जाएं. इसका आंकड़ा कुछ इस प्रकार हो सकता है-

विकल्प 1: टीवीके के नेतृत्व में संभावित सरकार

पार्टीसीटें
टीवीके107
कांग्रेस5
सीपीआई2
वीसीके2
आईयूएमएल2
पीएमके4
कुल122

सरकार बनाने का दूसरा विकल्प यह है कि डीएमके और एआईएडीएमके साथ आ जाएं और सरकार बनाने के लिए प्रयास करें. डीएमके और एआईएडीएमके साथ आ सकते हैं, हालांकि दोनों पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ खड़ी रहती हैं. राजनीति के मैदान में कोई किसी का स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता है, इसलिए अगर विजय सरकार ना बना पाएं तो यह गठबंधन भी संभव है क्योंकि दोनों पार्टियां द्रविड़ पहचान से जुड़ी हैं. ऐसे में इस प्रकार का हो सकता है समीकरण-


विकल्प 2: डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की संभावित सरकार

पार्टीसीटें
डीएमके59
एआईएडीएमके47
पीएमके4
सीपीआई2
वीसीके2
आईयूएमएल2
बीजेपी1
एमएमके1
कुल118

ये भी पढ़ें : तमिलनाडु में कांग्रेस ने क्यों दिया डीएमके को गच्चा? जानिए 1971 से अबतक कैसा रहा गठबंधन…

विजय के पास ‘जादुई आंकड़ा’ नहीं, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा; शपथ ग्रहण पर संशय

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >