Happiness In Jharkhand: झारखंड देश के 22 राज्यों से सस्ता क्यों? क्यों जिंदगी की जरूरतों पर कम होते हैं खर्च?

झारखंड में गुजारा करना देश के अधिकतर राज्यों से है आसान, बिहार-यूपी से भी कम करने पड़ते हैं खर्च? जानिए क्या है इसका राज…

Happiness In Jharkhand: तरक्की के पैमानों पर झारखंड कितना आगे और कितना पीछे है, अर्थशास्त्री इस पर मंथन करते रहते हैं. पर झारखंड में छिपी खुशहाली का राज सबको अचंभित करता है. यहां गुजर-बसर करना बिहार-यूपी के मुकाबले काफी आसान है. गुजारा करने के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं पर खर्च तो देश के अधिकतर राज्यों से कम है. जी हां, झारखंड देश के 22 राज्यों से अधिक सस्ता है. 

जिंदगी की सामान्य जरूरतों के सामान यहां राष्ट्रीय औसत से भी कम दाम पर मिल जाते हैं. भारत सरकार की ओर से जारी ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से इसका पता चलता है. सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने में भारत का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 194.4 था, जबकि झारखंड में यह 191.8 था. इसका मतलब यह है कि 2012 में दैनिक जरूरत की जिन वस्तुओं की औसत कीमत 100 रुपये थी, सितंबर 2024 में यह देश में बढ़कर 194 रुपये 40 पैसे हो गई है. जबकि झारखंड में यह केवल 191 रुपये 80 पैसे ही हुए. 

Happiness In Jharkhand: जानिए झारखंड में जीना किन राज्यों से ज्य़ादा है आसान

झारखंड में जीना यहां तक कि पड़ोसी बिहार से भी ज्यादा आसान है. सितंबर महीने में झारखंड के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 191.8 के मुकाबले बिहार का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 194.9 था. इससे साफ है कि बिहार में आम लोगों के जरूरत की सामग्री झारखंड से ज्यादा महंगी है. यहां तक कि शहरी महंगाई का सूचकांक झारखंड में 194.1 और बिहार में 200.4 है. इसी तरह झारखंड का ग्रामीण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 190.3 और बिहार का 194.0 है. इस तरह बिहार के शहर और गांव दोनों में झारखंड से ज्यादा महंगाई है.

सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर अगर गौर करें तो बिहार-यूपी के अलावा आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े प्रदेशों में दैनिक जरूरत के सामान अधिक महंगे हैं. इसके अलावा तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से झारखंड में रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती है.

Happiness In Jharkhand: देश से कम बढ़ी झारखंड में महंगाई? 

झारखंड में महंगाई देश से कम बढ़ी है. अगस्त 2024 की तुलना में सितंबर 2024 में देश में 5.49 फीसदी महंगाई बढ़ी है. जबकि झारखंड में यह 5.15 फीसदी महंगाई ही बढ़ी है. हालांकि शहरी महंगाई देश में 5.05 फीसदी के मुकाबले 5.83 फीसदी है बढ़ी है. जबकि ग्रामीण महंगाई भारत के 5.87 फीसदी के मुकाबले झारखंड में महज 4.68 फीसदी बढ़ी है. 

देश के 22 बड़े राज्यों में किए गए महंगाई दर के आकलन में झारखंड में 11 राज्यों से कम महंगाई बढ़ी है. झारखंड की तुलना में अगस्त से सितंबर में बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, केरल, मध्यप्रदेश और ओड़िशा में ज्यादा महंगाई बढ़ी है. पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भी इसी कतार में शुमार हैं. 

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Author: Mukesh Balyogi

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