कौन है लॉरेंस का भाई अनमोल, दर्ज हैं 18 केस, हाई-प्रोफाइल मर्डर के लिए है कुख्यात?

Anmol Bishnoi : काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को धमकी देकर पहली बार लाइमलाइट में आए लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई काफी शातिर सरगना है. उसने अपनी विष खोपड़ी का उपयोग कर कई बड़े अपराध किए और बड़े भाई की अनुपस्थिति में भी बिश्नोई गैंग का संचालन बखूबी किया.

Anmol Bishnoi : एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, मशहूर एक्टर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों का आरोपी अनमोल बिश्नोई आज दिल्ली आ सकता है. अनमोल बिश्नोई की अमेरिका से प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया हो चुकी है, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी देखे गए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि अनमोल बिश्नोई आज दिल्ली लाया जा सकता है. बाबा सिद्दीकी की हत्या का आरोप अनमोल बिश्नोई पर इसलिए लग रहा है क्योंकि वह विदेश में तो था, लेकिन स्नैपचैट के जरिए बाबा सिद्दीकी के शूटर्स से जुड़ा हुआ था. आतंक का दूसरा नाम बने अनमोल ने लॉरेंस बिश्नोई के जेल में रहने के बावजूद उसके कारोबार को अच्छे से संभाला. आइए जानते हैं अनमोल बिश्नोई की कारगुजारियों को.

कौन है अनमोल बिश्नोई?

अनमोल बिश्नोई पर भारत में 18 केस दर्ज हैं. वह पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला है. वह बिश्नोई गैंग के सरगना लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है. लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी और उसके जेल में होने के बावजूद अनमोल उसके गैंग को बहुत ही अच्छे ढंग से संचालित कर रहा है. बिश्नोई गैंग हाई प्रोफाइल लोगों को धमकाने उनकी हत्या करने और उनसे जबरन वसूली के लिए जाना जाता है. इतना ही नहीं बिश्नोई गैंग के तार बब्बर खालसा जैसे संगठन से भी जुड़े हैं, जो खालिस्तान का समर्थक है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लॉरेंस के जेल में होने के बावजूद उसके कई ऑपरेशन विदेश से संचालित होते रहते हैं और इसमें उसके भाई अनमोल बिश्नोई का बहुत बड़ा हाथ है. एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार- अनमोल, लॉरेंस का मुख्य विदेशी हैंडलर था. वह लॉरेंस के साथ मिलकर जबरन वसूली का काम करता था. साथ ही बिश्नोई गैंग के लिए पैसों की व्यवस्था भी करता था.

अमेरिका से अनमोल को क्यों किया गया निर्वासित?

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने यह जानकारी दी है कि अनमोल फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भागा था. उसने भागने के लिए नेपाल को रास्ता बनाया और फिर वह दुबई गया. वहां से वो केन्या गया और फिर वहां से अमेरिका पहुंचा. नवंबर 2024 में उसे अमेरिका में हिरासत में लिया गया. पहचान के बाद उसके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हुई और 18 नवंबर को उसे निर्वासित कर दिया गया. इसकी आधिकारिक जानकारी बाबा सिद्दीकी के परिवार को ईमेल के जरिए भेजी गई है. इसकी वजह यह है कि अनमोल बिश्नोई की हत्या 12 अक्टूबर 2024 को हुई थी, जिसमें अनमोल मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका में था.

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क्या शातिर गैंगस्टर है अनमोल बिश्नोई?

अनमोल बिश्नोई के बारे में जांच एजेंसियों का कहना है कि वह एक शातिर गैंगस्टर है. दर्ज 18 मामलों का वह मुख्य साजिशकर्ता है. बाबा सिद्दीकी की जिस तरह मुंबई में उनके कार्यालय के बाहर हत्या की गई और अनमोल शूटर्स के साथ स्नैपचैट के जरिए जुड़ा रहा और उन्हें निर्देश देता रहा, क्योंकि स्नैपचैट की रेकी मुश्किल है. अनमोल बिश्नोई ने शूटर्स को फंडिंग की उन तक हथियार पहुंचाए और सबपर निगरानी भी खूब रखी. उसने हमेशा हाई प्रोफाइल लोगों को टारगेट बनाया और कांड के बाद जिम्मेदारी भी ली. यह उसकी हिमाकत को भी दर्शाता है. उसने सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की और जिम्मेदारी भी ली. हत्या, लूट, वसूली जैसे मामलों को अंजाम देता रहा. उसकी गिरफ्तारी से कई केस सुलझ सकते हैं.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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