कॉमेडी के नाम पर, पढ़ें रणवीर इलाहाबादिया विवाद पर खास लेख

YouTuber Ranveer Allahabadia : यूट्यूब ने इस विवादित एपिसोड को जहां ब्लॉक कर दिया है, वहीं महाराष्ट्र के साइबर विभाग ने स्वत: संज्ञान लेकर 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जबकि राष्ट्रीय महिला आयोग ने समन जारी कर रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना को 17 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है.

YouTuber Ranveer Allahabadia : यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया द्वारा की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला यूट्यूब पर अश्लील टिप्पणियों के बढ़ते जाने का एक और बेहद चिंताजनक उदाहरण है. रणवीर इलाहाबादिया डिजिटल प्लेटफॉर्म की चर्चित शख्सियत हैं. ऐसे व्यक्ति द्वारा ऐसी फूहड़ टिप्पणी करना बेहद हैरान करने वाला है. रणवीर इलाहाबादिया ने दरअसल कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब रियलिटी शो, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में एक प्रतिभागी से माता-पिता के निजी संबंधों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसकी तीखी निंदा किये जाने के अलावा उन पर सख्त कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ने लगी है.

यूट्यूब ने इस विवादित एपिसोड को जहां ब्लॉक कर दिया है, वहीं महाराष्ट्र के साइबर विभाग ने स्वत: संज्ञान लेकर ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जबकि राष्ट्रीय महिला आयोग ने समन जारी कर रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना को 17 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है. रणवीर इलाहाबादिया का यह प्रसंग दो बातों की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करता है. एक यह कि कॉमेडी के नाम पर आज कुछ भी कहा या पेश किया जा रहा है. माता-पिता के निजी संबंधों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करना कॉमेडी नहीं है, न ही कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता और संस्कृति-विरोध को बर्दाश्त किया जा सकता है.

दूसरी बात यह कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगातार अश्लील, आपत्तिजनक और नस्लवादी टिप्पणियां बढ़ती जा रही हैं. ‘इंडियाज गॉट लेंटेट’ शो पर इससे पहले किसी कॉमेडियन ने पूर्वोत्तर के लोगों की खान-पान पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. ऐसे ही एक अन्य शो में एक नामचीन अभिनेत्री की गर्भावस्था और उनके अवसाद का मजाक उड़ाया गया था. हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर एल्विश यादव ने एक पॉडकास्ट में पूर्व मिस अरुणाचल और ‘बिग बॉस’ प्रतियोगी पर अपमानजनक और नस्लवादी टिप्पणी की.

शिवसेना (उद्धव गुट) ने संसद में रणवीर इलाहाबादिया की टिप्पणी का भारी विरोध करते हुए ओटीटी पर आपत्तिजनक सामग्री नियंत्रित करने की मांग की है. खुद आइटी और संचार संबंधी संसदीय समिति का भी कहना है कि इस प्रकरण ने इंटरनेट मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के लिए प्रभावी कानूनों की आवश्यकता को उजागर कर दिया है. रणवीर को इस समिति के सामने पेश भी होना पड़ सकता है. इससे पहले कि देर हो जाये, ओटीटी प्लेटफॉर्म के विनियमन के बारे में सोचना होगा, ताकि भविष्य में कोई और कॉमेडी या बोलने की आजादी के नाम पर ऐसी अमर्यादित टिप्पणी करने का दुस्साहस न करे.

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