रेलयात्रियों के हित में

Indian Railways: नयी व्यवस्था में तत्काल टिकट सिर्फ प्रमाणित यात्री ही बुक कर सकेंगे. इसके लिए आइआरसीटीसी की वेबसाइट या एप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और जुलाई के अंत से ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा. यात्रियों की असुविधा को देखते हुए वेटिंग लिस्ट की सीमा तय करने के पुराने फैसले को भी बदल दिया गया है.

Indian Railways : रेल सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए रेलवे ने कई सुधारों की घोषणा की है, जिनमें से कुछ इसी महीने से लागू हुए हैं, जबकि कुछ बड़े सुधार आगामी दिसंबर में लागू होने हैं. हालांकि कई साल बाद इसी महीने से रेल किराये में वृद्धि की गयी है, जिससे निश्चित रूप से यात्रियों पर बोझ बढ़ेगा. कल ही रेल मंत्री ने सुपरएप ‘रेलवन’ लॉन्च किया है. इस एक एप पर ही टिकट बुकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग और कोच पोजीशन से लेकर ट्रेन में खाने की बुकिंग और शिकायत दर्ज करने जैसी तमाम सुविधाएं होंगी. इससे जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग तथा सीजन या मंथली पास भी बनवाये जा सकेंगे. दलालों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग में भी इस महीने से बदलाव किये गये हैं.

नयी व्यवस्था में तत्काल टिकट सिर्फ प्रमाणित यात्री ही बुक कर सकेंगे. इसके लिए आइआरसीटीसी की वेबसाइट या एप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और जुलाई के अंत से ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा. यात्रियों की असुविधा को देखते हुए वेटिंग लिस्ट की सीमा तय करने के पुराने फैसले को भी बदल दिया गया है. कुछ समय पहले रेलवे बोर्ड ने ट्रेन में वेटिंग लिस्ट की सीमा घटाकर कुल क्षमता के 25 प्रतिशत तक कर दी थी. रेलवे का कहना था कि इससे आरक्षण वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. पर नये नियम से वेटिंग टिकट मिलना बहुत मुश्किल हो गया था. रेलवे में आरक्षण से संबंधित कुछ बड़े सुधार आगामी दिसंबर में लागू होंगे.

इसके तहत ट्रेन चलने के आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार होगा. जबकि अभी यह चार्ट चार घंटे पहले तैयार होता है, जिससे दूरदराज के प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को असुविधा होती है. आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट जारी होने से प्रतीक्षा सूची वाले यात्री जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था कर सकेंगे. दिसंबर से यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) में भी बदलाव होंगे, जिससे प्रति मिनट डेढ़ लाख से अधिक टिकट बुक किये जा सकेंगे. जबकि अभी प्रति मिनट 32 हजार टिकट बुक होता है. नयी प्रणाली में पूछताछ की क्षमता भी बढ़ जायेगी. अभी प्रत्येक मिनट चार लाख पूछताछ की क्षमता है, जो बढ़कर 40 लाख तक पहुंच जायेगी. आरक्षण फॉर्म भी अलग-अलग भाषाओं में भरे जा सकेंगे, जिसमें दिव्यांगजनों, छात्रों और मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं होंगी. रेलवे स्टेशनों के ढांचागत सुधारों के बाद इन कदमों से रेलयात्रियों को सहूलियत होगी.

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Published by: संपादकीय

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