छात्रों के हित में

PM Vidyalakshmi Yojana : इस योजना के तहत एजुकेशन लोन में कोई ऊपरी सीमा नहीं है और यह गारंटी फ्री है. इस योजना के तहत निर्धन वर्ग के छात्रों को, जिन परिवारों की सालाना आय आठ लाख रुपये से कम है, सरकार न सिर्फ दस लाख तक का शिक्षा ऋण मुहैया करा रही है, बल्कि इस पर लगने वाला तीन फीसदी ब्याज भी सरकार ही चुकायेगी.

PM Vidyalakshmi Yojana : शिक्षा ऋण की प्रक्रिया को आसान करने, अधिक से अधिक छात्रों के लिए कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराने तथा निर्धन वर्ग के छात्रों को भी शिक्षा ऋण प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने विगत नवंबर में जिस पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी थी, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने अब कुल 82 बैंकों को जोड़कर इस योजना को और आसान कर दिया है. इनमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले छात्रों को शिक्षा ऋण लेने में किसी तरह की परेशानी न हो.

वहीं विगत मार्च में शुरू हुए नये पोर्टल पर हर संस्थान को अपने हर कोर्स और फीस स्ट्रक्चर की जानकारी भी देनी पड़ रही है. इससे संबंधित बैंकों को वेरीफिकशन में सुविधा हो गयी है और उन्हें अलग-अलग उच्च शिक्षा संस्थानों में फीस से जुड़ी जानकारी प्राप्त नहीं करनी पड़ रही है. पिछले दिनों पंजाब नेशनल बैंक ने इस योजना के तहत लिये जाने वाले कर्ज पर ब्याज में 20 बेसिस पॉइंट की कटौती भी की है, जिसका छात्रों को लाभ मिलेगा. पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना पारंपरिक एजुकेशन लोन से कई मायनों में अलग है. एक तो यही कि सरकार द्वारा वित्तपोषित इस योजना के तहत शिक्षा ऋण के साथ-साथ छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है, जिसके लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर एक ही जगह पर आवेदन करना पड़ता है. इसके अलावा इस योजना में छात्रों को शिक्षा के विभिन्न खर्चों, जैसे-ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, यात्रा खर्च तथा पुस्तकों और लैपटॉप/कंप्यूटर आदि जरूरतों का खर्च भी उपलब्ध कराया जाता है.

इस योजना के तहत एजुकेशन लोन में कोई ऊपरी सीमा नहीं है और यह गारंटी फ्री है. इस योजना के तहत निर्धन वर्ग के छात्रों को, जिन परिवारों की सालाना आय आठ लाख रुपये से कम है, सरकार न सिर्फ दस लाख तक का शिक्षा ऋण मुहैया करा रही है, बल्कि इस पर लगने वाला तीन फीसदी ब्याज भी सरकार ही चुकायेगी. नये पोर्टल के लांच होने के बाद कुल डेढ़ लाख से ज्यादा आवेदन आये हैं और छात्रों को कर्ज मिलना शुरू भी हो गया है. औसतन सोलह लाख रुपये तक का कर्ज एक छात्र ले रहा है. पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत छात्रों के हित में लगातार जिस तरह कदम उठाये जा रहे हैं, वह इस मामले में सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में ही बताता है.

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By संपादकीय

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