मणिपुर पर गृह मंत्री

Manipur राज्य से बाहर जाने के लिए कुकी मिजोरम होकर जाते हैं, जबकि मैतेई कुकी बहुल पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं जाते. राज्य के सभी मार्गों पर लोगों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश देने के अलावा गृह मंत्री ने बाधा पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा है.

Manipur : मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद पहली महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री ने आठ मार्च से सभी सड़कें खोले जाने का जो निर्देश सुरक्षा बलों को दिया है, उससे इस हिंसाग्रस्त राज्य में सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद बनी है. बैठक में राज्यपाल, राज्य के शीर्ष अधिकारी तथा सेना और अर्धसैनिक बल के अधिकारी मौजूद थे. गृह मंत्री का यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जातीय हिंसा भड़कने के बाद से इंफाल घाटी स्थित मैतेई और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी लोगों के क्षेत्रों से यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गयी.

राज्य से बाहर जाने के लिए कुकी मिजोरम होकर जाते हैं, जबकि मैतेई कुकी बहुल पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं जाते. राज्य के सभी मार्गों पर लोगों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश देने के अलावा गृह मंत्री ने बाधा पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा है. कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति पर विस्तृत जानकारी लेने के दौरान उन्होंने राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्धारित एंट्री पॉइंट के दोनों ओर बाड़ लगाने का काम जल्दी पूरा करने की जरूरत बतायी, ताकि म्यांमार से प्रवेश करने वाले अवैध प्रवासियों को रोका जा सके.

मणिपुर को नशामुक्त बनाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क को खत्म करने की बात तो गृह मंत्री ने कही ही, आम लोगों से जबरन वसूली के मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश भी उन्होंने दिया है. दरअसल राष्ट्रपति शासन लगने के बाद सबसे ज्यादा फोकस इस बात पर दिया जा रहा है कि हिंसा के दौरान सभी गुटों द्वारा लूटे गये अवैध हथियार वापस लिये जायें.

राज्यपाल ने लूटे गये और अवैध रूप से रखे गये हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने का 20 फरवरी को आह्वान किया था. उन्होंने यह आश्वासन भी दिया था कि हथियार सौंपने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी. हथियार लौटा देने की उनकी अपील का कमोबेश असर दिखायी पड़ रहा है और 300 से अधिक हथियार जनता द्वारा सौंपे गये हैं. इसे देखते हुए राज्यपाल ने हथियार सौंपने की समयसीमा बढ़ाकर छह मार्च कर दी है. पिछले करीब चार महीनों से मणिपुर में अपेक्षाकृत शांति के बीच गृह मंत्री का यह भरोसा बहुत आश्वस्त कराने वाला है कि केंद्र सरकार मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करने और इस संबंध में सभी आवश्यक मदद प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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Published by: संपादकीय

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