आतंकवाद को करारा जवाब देने की रणनीति

Pahalgam Attack : पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना की संभावित कार्रवाई से आशंकित होकर अरब सागर के ऊपर नो फ्लाई जोन घोषित किया है और लाइव फायर अलर्ट जारी किया है, जिसमें नाविकों से इस क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया गया है, जबकि थलसेना ने पुणे में युद्धाभ्यास दस्तलिक में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया.

Pahalgam Attack : पहलगाम हमले के बाद से ही भारत ने एक साथ कई मोर्चों पर आतंकवाद को करारा जवाब देने की जो रणनीति तैयार की है, वह बहुत महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा है कि पहलगाम हमले से हर भारतीय का खून खौल रहा है. उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने का आश्वासन भी दिया. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उन्हें सैन्य तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी.

गौरतलब है कि आतंकी हमले के 48 घंटे के भीतर ही हमारी नौसेना ने अरब सागर में ताकत दिखाई थी. अब इसने अरब सागर में ब्रह्मोस मिसाइल दागकर, जिसकी रेंज करीब 300 किलोमीटर है, लंबी दूरी तक सटीक हमले की क्षमता दिखायी. भारतीय नौसेना ने अरब सागर में कई एंटी शिप मिसाइलों का सफल परीक्षण किया, जिससे उनकी लंबी दूरी की सटीक हमले की क्षमता का प्रदर्शन हुआ है. नौसेना ने समुद्र में अपने जंगी जहाजों की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘भारतीय नौसेना राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए कहीं भी, किसी भी समय, किसी भी तरह से युद्ध करने के लिए तैयार है.’ उधर, पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना की संभावित कार्रवाई से आशंकित होकर अरब सागर के ऊपर नो फ्लाई जोन घोषित किया है और लाइव फायर अलर्ट जारी किया है, जिसमें नाविकों से इस क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया गया है, जबकि थलसेना ने पुणे में युद्धाभ्यास दस्तलिक में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया.

उधर, अब तक पहलगाम हमले के कुल बारह आतंकियों तथा उनके सहयोगियों के घर ध्वस्त कर दिये गये हैं. आतंकियों के दो मददगारों को भी गिरफ्तार किया गया है. एनआइए ने पहलगाम हमले की जांच शुरू कर दी है और इसके अधिकारियों की टीमें जानकारी जुट���ने के लिए देशभर का दौरा कर रही हैं. उनके मुताबिक, आतंकियों की संख्या पांच से सात हो सकती है. जांच में आतंकी हमले का मुख्य गवाह भी सामने आया बताया जाता है, जो एक स्थानीय फोटोग्राफर है. इतना ही नहीं, सुरक्षा बलों का दावा है कि इस बीच जम्मू-कश्मीर के घने जंगलों में कई बार वे आतंकी उनके पकड़ में आते-आते बचे हैं. हमारी तैयारियां और रणनीतियां आतंकवाद के खिलाफ इस युद्ध में जीत के प्रति आश्वस्त करती हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: संपादकीय

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >