बढ़ता इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात

बीते नौ वर्षों में भारतीय मोबाइल उद्योग का 20 गुना विस्तार हुआ है, जो निश्चित ही एक उत्साहजनक उपलब्धि है.

वर्तमान वित्त वर्ष 2023-24 के पहले सात महीने में देश में निर्मित इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात में पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 27.7 प्रतिशत (3.4 अरब डॉलर) की उत्साहजनक वृद्धि हुई है. सरकारी और औद्योगिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच 15.48 अरब डॉलर मूल्य के इन उत्पादों का निर्यात हुआ. उल्लेखनीय है कि इस वृद्धि में 88 फीसदी हिस्सा (तीन अरब डॉलर) मोबाइल फोन के निर्यात का है. इस हिसाब की एक खास बात यह भी है कि पांच अरब डॉलर मूल्य के आइफोन का निर्यात हुआ है. मोबाइल फोन के निर्यात में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि यह इंगित करती है कि आधुनिक तकनीक पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के उत्पादन में भारत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है तथा देश में निर्मित उत्पादों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के भरोसे में बढ़ोतरी हो रही है.

कुछ समय से केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार की आयात की निर्भरता घटाने तथा वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है. अन्य योजनाओं के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए सरकार की ओर से अनेक प्रोत्साहन भी दिये जा रहे हैं. सरकार निर्यात बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाने पर विचार कर रही है. इसमें वित्त मंत्रालय का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है ताकि वस्तुओं की आवाजाही सुचारू रूप से और समय पर हो सके. मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की मजबूत होती स्थिति इस कारण भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन्हीं तकनीकों पर कई तरह के डिजिटल उपकरण बनाये जाते हैं. समय के साथ उनके उत्पादन में वृद्धि स्वाभाविक है.

वैश्विक आपूर्ति शृंखला में कई कारणों से बदलाव हो रहे हैं, जिनमें कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थितियां, युद्ध एवं अन्य भू-राजनीतिक तनाव तथा डाटा सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं प्रमुख हैं. देश के शीर्ष के दस निर्यात क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात में वृद्धि सबसे अधिक रही है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उचित ही कहा है कि देश एक ऐसे मुकाम पर है, जहां से तेजी से निर्यात बढ़ाया जा सकता है. सरकार हर क्षेत्र में घरेलू और विदेशी निवेश तथा साझा उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है. चीन और अन्य देशों में सक्रिय कंपनियां भारत को एक विशेष विकल्प के रूप में देख रही हैं. गुणवत्तापूर्ण साझा उत्पादन से देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं और तकनीकी क्षमता भी बेहतर हो रही है. साथ ही, घरेलू बाजार को भी आपूर्ति की जा रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ हो रहा है. बीते नौ वर्षों में भारतीय मोबाइल उद्योग का 20 गुना विस्तार हुआ है, जो निश्चित ही एक उत्साहजनक उपलब्धि है.

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Published by: संपादकीय

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