आज हर जगह बच्चों से काम करवाया जा रहा है. बाल श्रम के कारणों की बात की जाये तो अनेक कारण सामने आयेंगे. होटल के अलावा घरों में भी बच्चों से कम पैसे मे काम कराये जाते हैं. इनमें से अधिकांश जगहों पर काम कराने के अलावा उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है.
यह सब कुछ सरकार से लेकर प्रशासन तक देखती है, फिर भी इसे खत्म करने में अब तक नाकाम ही है. विकसित देशों द्वारा भारत या अन्य विकासशील देशों से आयातीत उत्पादों का बहिष्कार बाल श्रम की समस्या का निदान नहीं हो सकता. बाल मजदूरी प्रथा एक जटिल समस्या है, इसका निदान रातों-रात नहीं हो सकता. बाल मजदूरी की कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए परिवार, सरकारी तंत्र, गैर सरकारी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा.
सुभाष वर्मा, गिरिडीह
