मान्यवर, दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि समाहरणालय के ठीक नाक के नीचे असामाजिक तत्वों द्वारा गोरखधंधा चलाया जा रहा है. इनका काम है ड्राइविंग लाइसेंस या किसी तरह के कागजात की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने के लिए जरूरत से ज्यादा पैसों की वसूली करना. उनके लिए समय की कोई पाबंदी भी नहीं है. तीन महीनों से भी ज्यादा का वे चक्कर लगवाते हैं, जिसमें ज्यादातर अनिभज्ञ लोग ही फंसते हैं, जिसके कारण लोगों के पैसे के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है.
नतीजतन, झड़प-झंझट की पूरी आशंका बनी रहती है. इस बात की हकीकत जानने के लिए उन असामाजिक तत्वों के रजिस्टर या कॉपी की छानबीन करने से सारा मामला सामने आ जायगा. अत: महोदय से पुन: निवेदन करना चाहूंगा कि उपर्युक्त बातों को अपने संज्ञान में लेने की कृपा करें.
महावीर साहू, रांची
