वर्षा जल संग्रहण की जरूरत

पृथ्वी पर एक तिहाई पानी होने के बावजूद पूरा देश जल संकट से जूझ रहा है़ कहीं-कहीं बारिश होने से स्थिति नियंत्रण में आयी है, लेकिन पूरी तरह से नहीं. प्रकृति के इस प्रकोप के जिम्मेवार हम ही हैं. विकास की अंधी दौड़ में हमने अपनी नदियों, तालाबों और कुओं की जरा भी परवाह नहीं […]

पृथ्वी पर एक तिहाई पानी होने के बावजूद पूरा देश जल संकट से जूझ रहा है़ कहीं-कहीं बारिश होने से स्थिति नियंत्रण में आयी है, लेकिन पूरी तरह से नहीं. प्रकृति के इस प्रकोप के जिम्मेवार हम ही हैं.
विकास की अंधी दौड़ में हमने अपनी नदियों, तालाबों और कुओं की जरा भी परवाह नहीं की़ पेड़ कटते रहे, जंगल साफ होते रहे और जलस्तर लगातार नीचे चलता गया़ वर्षा जल के संचयन की ओर भी हम प्राय: ध्यान नहीं देते, यह भी एक बड़ी वजह है पानी की किल्लत की़
हम धरती से जितना जल लेते हैं, उतना ही उसे लौटाने की भी कोशिश करनी चाहिए़ बरसात का महीना अब आने ही वाला है़ ऐसे में हम सबके लिए जरूरी है कि हम जहां तक संभव हो, जल का संग्रहण करें. ताकि बारिश का पानी यूं बहकर बेकार न चला जाये. सरकार हर तरह के भवन के लिए वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित करे़
लाड़ली गीता, धनबाद

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