खतरे में हॉकी का अस्तित्व

हॉकी हमारे देश का राष्ट्रीय खेल है, लेकिन आज इसका महत्व क्रिकेट जैसे खेलों के मुकाबले बिल्कुल भी नहीं है़ हॉकी की इस हालत के लिए कहीं न कहीं सरकार भी जिम्मेदार है़ क्रिकेटरों को जितना पैसा एक मैच के लिए मिलता है, उतना हॉकी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट जीतने पर भी इनाम के तौर पर […]

हॉकी हमारे देश का राष्ट्रीय खेल है, लेकिन आज इसका महत्व क्रिकेट जैसे खेलों के मुकाबले बिल्कुल भी नहीं है़ हॉकी की इस हालत के लिए कहीं न कहीं सरकार भी जिम्मेदार है़ क्रिकेटरों को जितना पैसा एक मैच के लिए मिलता है, उतना हॉकी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट जीतने पर भी इनाम के तौर पर नहीं मिलता़ इससे खिलाड़ी हतोत्साहित होते हैं.
हाल ही में चैंपियन टीम को भारत सरकार ने इनाम स्वरूप कुल 25 हजार रुपये की पेशकश की, जिससे न सिर्फ खिलाड़ियों का बल्कि इस खेल का भी बड़ा अपमान हुआ. अब तो यही बेहतर होगा कि सरकार या तो क्रिकेट को ही राष्ट्रीय खेल घोषित कर दे या फिर हॉकी की लोकप्रियता बढ़ने की दिशा में कुछ कदम उठाये और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करे, वरना भारतीय हॉकी का अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा.
मनिता कु सिंह, हजारीबाग

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