पनामा लीक्स में लगभग 500 भारतीयों के नाम हैं. लोकतांत्रिक देश, यानी अपनों के इस राज में देश के धन का विदेश के टैक्स हेवेन में जाना काफी शर्म की बात है. बहुत ऐसे प्रबुद्धजनों के नाम हैं इन पेपर्स में, जिनका अपने देशों में बहुत सम्मान है और कुछ ऐसे हैं जिनका विकासशील भारत में अथक योगदान है़
इस आर्थिक सेंधमारी से उनके ऊपर से जनता का भरोसा उठने का सवाल खड़ा होता है़ इसलिए सरकार को पनामा लीक्स के जरिये शक के घेरे में आये हुए लोगों की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए जांच-परख कर पुख्ता सबूत तैयार करना चाहिए़
ये दस्तावेज सरकार को कालाधन लाने के लिए मदद करेंगे और लोगों का सरकार के प्रति विश्वास कहीं ज्यादा बढ़ेगा़ चूंकि वर्तमान सरकार कालेधन और अच्छे दिन के नाम पर लोगों का विश्वास जीतने में सफल रही थी, ऐसे में उस विश्वास पर खरा उतरने का यही सही समय है़
सुमित कु बड़ाईक, सिसई
