बिल्ली को दूध की पहरेदारी पर लगाना!

शहरों में बढ़ते अपार्टमेंट कल्चर और तरह-तरह के संस्थानों के खुल जाने से आजकल निजी सुरक्षा गार्ड मुहैया करानेवाली कंपनियों की भरमार हो गयी है़ ऐसी कंपनियां चलानेवाले प्राय: ठेकेदार टाइप के लोग होते हैं, जो मांग के अनुसार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराते हैं और बदले में निश्चित कमीशन पाते हैं. इनके यहां काम के […]

शहरों में बढ़ते अपार्टमेंट कल्चर और तरह-तरह के संस्थानों के खुल जाने से आजकल निजी सुरक्षा गार्ड मुहैया करानेवाली कंपनियों की भरमार हो गयी है़ ऐसी कंपनियां चलानेवाले प्राय: ठेकेदार टाइप के लोग होते हैं, जो मांग के अनुसार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराते हैं और बदले में निश्चित कमीशन पाते हैं. इनके यहां काम के लिए शायद जो भी आता है, बिना पुलिस से सत्यापन कराये उसे सिक्योरिटी गार्ड बना देते हैं. कई कंपनियां अपने गार्ड की पोशाक ऐसी रौबदार बनवाती हैं, जिसे देख कर पुलिसवाले भी धोखा खा जायें.
कहीं कोई गार्ड ब्लैक कमांडो सरीखी काली ड्रेस में दरबानी करता है, तो कहीं कोई एयरफोर्स जैसी अासमानी ड्रेस में. कई बार ऐसा होता है कि आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग भी गार्ड बना दिये जाते हैं. ऐसे में तो बिल्ली को दूध की पहरेदारी पर लगाने वाली कहावत ही चरितार्थ होगी़ इस िदशा में सरकार को ठोस नीति बनाकर सख्ती से पालन करना होगा.
रवींद्र कु सिंह, रांची

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