केरल का कोल्लम स्थित मंदिर के हादसे से पूरा देश सहम गया है़ यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी आराधना स्थल में भक्तों की जान गयी हो, लेकिन 110 से अधिक लोग मारे जायें और 400 से भी ज्यादा लोग घायल हो जायें, वह भी आतिशबाजी के कारण, यह शायद पहली बार किसी मंदिर में हुआ है़
हमारे देश में अक्सर लोग कानून तोड़ने और प्रशासनिक आदेश न मानने में गौरवान्वित महसूस करते हैं. जब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी, तो फिर मंदिर के कर्ता-धर्ताओं ने आतिशबाजी की प्रतिस्पर्धा आयोजित करने का निर्णय कैसे लिया? पटाखों से हमेशा जान और पर्यावरण को खतरा होता है़ इस हादसे से सीख लेकर केंद्र सरकार को आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए़
जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर
