समाज की सहमति-असहमति के बीच चैत्र नवरात्रों के पहले दिन शनि शिंगनापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की खबर दिल को सकून देती है़ चार सौ वर्ष पुरानी प्रथा को तोड़ने के लिए जिस तरह महिलाओं ने लामबंद होकर जीत हासिल की, यह हर्षप्रद है़ उम्मीद है शनि शिंगनापुर मंदिर में मिली पूजा की इजाजत अन्य धार्मिक स्थलों को भी महिलाओं के लिए खोलने की बहस का रास्ता खोलेगी़
सिद्धार्थ झा, ई-मेल से
