तो ऐसे काम क्यों नहीं करती सरकार!

झारखंड की सरकार बड़े-बड़े होर्डिग/विज्ञापन लगा कर भ्रष्टाचार से लड़ने की बातें कर रही है. यदि सच में भ्रष्टाचार दूर करना चाहते हैं, तो नीतीश कुमार और ‘आप’ की तरह पहले विधायक फंड समाप्त करें और सारे काम एजेंसी से करायें.झारखंड के विधायक जो भ्रष्टाचार की गंगोत्री हैं (माले विधायक विनोद सिंह अपवाद), उन तक […]

झारखंड की सरकार बड़े-बड़े होर्डिग/विज्ञापन लगा कर भ्रष्टाचार से लड़ने की बातें कर रही है. यदि सच में भ्रष्टाचार दूर करना चाहते हैं, तो नीतीश कुमार और ‘आप’ की तरह पहले विधायक फंड समाप्त करें और सारे काम एजेंसी से करायें.झारखंड के विधायक जो भ्रष्टाचार की गंगोत्री हैं (माले विधायक विनोद सिंह अपवाद), उन तक पहुंचनेवाले धन के स्नेत को बंद करें. ट्रांसफर-पोस्टिंग, राज्यसभा चुनावों से इन माननीयों की अच्छी कमाई होती है.

ये चूंकि राजनीति में सेवा के लिए आते हैं, ऐसे में उन्हें सेवा का भरपूर मौका मिलना चाहिए. साल में 150 दिन इनके लिए मनरेगा में शारीरिक श्रम अनिवार्य कर दिया जाये. इसके अलावा देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा आये, इन्हें श्रम करने भेजा जाये. तब जनता मानेगी कि सिर्फ बातें नहीं, काम भी करना चाहती है यह सरकार.

नवीन कुमार सिन्हा, जमशेदपुर

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