आजकल हमारे देश में एक प्रचलन जोर पकड़ रहा है़ जिन्हें खुद देशभक्ति की परिभाषा नहीं मालूम, वे दूसरों को देशभक्ति सिखाने में लगे हैं. ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाना हर भारतीय का अधिकार है, लेकिन कुछ फर्जी देशभक्त ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरों के मुंह से यह नारा लगवाना अपना काम और लक्ष्य बना लिया है़ क्या यह कुछ फर्जी राष्ट्रवादी ही तय करेंगे कि हमें कब यह नारा लगाना है? फर्जी देशभक्तों से हमें देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं.
ऐसे लोग देश में सत्ता विकास के नाम पर आते हैं, पर जब सत्ता में काबिज हो जाते हैं तब अपने सारे वादे भूल कर जनता को दिग्भ्रमित करने के लिए ऐसे ढोंग करते हैं. एक तरफ देश महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार से देश त्रस्त है और दूसरी ओर कुछ फर्जी देशभक्त गंदी राजनीति करने में व्यस्त हैं. ऐसी मानसिकता वाले लोग देश का अहित कर रहे हैं और वे समाज और देश दोनों के लिए खतरा हैं.
सुमंत चौधरी, जमशेदपुर
