कुरमी एसटी नहीं

कुरमी जाति को एसटी में शामिल करने की मांग पुरानी है़ लेकिन, टीआरआइ के अनुसार, कुरमियों की भाषा-संस्कृति, सामाजिक परिवेश आदिवासियों से मेल नहीं खाता है़ यहां तक कि वे सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि से आदिवासियों से आगे हैं. उन्हें आदिवासी की तरह सामाजिक उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़ा है़. यह जाति ऑस्टेलॉयड, प्रोटो […]

कुरमी जाति को एसटी में शामिल करने की मांग पुरानी है़ लेकिन, टीआरआइ के अनुसार, कुरमियों की भाषा-संस्कृति, सामाजिक परिवेश आदिवासियों से मेल नहीं खाता है़ यहां तक कि वे सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि से आदिवासियों से आगे हैं. उन्हें आदिवासी की तरह सामाजिक उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़ा है़.

यह जाति ऑस्टेलॉयड, प्रोटो ऑस्टेलॉयड, प्री द्रवीड़ियन जैसे इंडिजीनस प्रजाति से संबंध नहीं रखती़ यह जाति द्रविड़/ऑस्ट्रिक प्रजाति से संबंधित हैं, जो झारखंड के मूलवासी हैं पर आदिवासी नहीं. फिर भी कुरमी जाति को एसटी में शामिल किया गया, तो इससे कमजोर आदिवासियों की पहचान खतरे में पड़ जायेगी़ अत: सरकार सोच-समझकर फैसला करे़

मोहन सिंह सरदार, जमशेदपुर
पोस्ट करें : प्रभात खबर, 15 पी
इंडस्ट्रियल एिरया, कोकर, रांची 834001
मेल करें : eletter@prabhatkhabar.in पर ई-मेल संिक्षप्त व िहंदी में हो.
िलपि रोमन भी हो सकती है
फैक्स करें : 0651-2544006 पर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >