अभिव्यक्ति की आजादी हमारे संविधान का आधार है़ लेकिन जिस उद्देश्य के लिए यह आजादी आवश्यक मानी जाती है, उसका सबसे घातक असर उसी उद्देश्य पर दिखता है. अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ है- आंतरिक विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता़ यह विचार कैसा भी हो सकता है़
यदि यह विचार अपने अथवा समाज के लिए शुभ है, तब यह आजादी कल्याणकारी परिणाम देगी, लेकिन अगर यह विचार अज्ञानता में किये गये अपने या समाज के लिए अशुभ है, तो यह आजादी विनाशकारी होगी़ चूंकि हर घटना का स्वभाव पतन की ओर होता है, इसलिए इस आजादी का परिणाम घातक दिख रहा है़ अभिव्यक्ति की आजादी के साथ स्वकर्तव्य-पालन की सदा अपेक्षा करना व्यर्थ है, क्या हमारे नीति-निर्माताओं को इसका पूर्वानुमान नहीं था?
ज्ञानदीप जोशी, रांची
