रंगों बिना जीवन बेरंग

होली का पर्व केवल रंग और खानपान का त्योहार नहीं है, इसका मर्म मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है़ पूर्वजों ने समाज की संरचना करते वक्त न केवल रंगों का महत्व समझा, बल्कि इसे पर्व के जरिये जीवन में उतारने की नसीहत भी होली के रूप में दी़ जीवन में रंग न हो तो […]

होली का पर्व केवल रंग और खानपान का त्योहार नहीं है, इसका मर्म मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है़ पूर्वजों ने समाज की संरचना करते वक्त न केवल रंगों का महत्व समझा, बल्कि इसे पर्व के जरिये जीवन में उतारने की नसीहत भी होली के रूप में दी़ जीवन में रंग न हो तो जिंदगी बेरंग हो जाती है़ यानी जीवन में एकरूपता नहीं होनी चाहिए बल्कि जीने के विभिन्न आयाम होने आवश्यक हैं. होली के माध्यम से हम सब आपस के क्लेश को भूलकर एक-दूसरे के गले लगते हुए समाज में रंग भरने का प्रयास करते हैं. हमारी, आपकी और हम सब की होली ऐसे ही मने़
दयानंद कुमार, गिरिडीह

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