धार्मिक-जातीय समीकरण

चार साल पहले उत्तर प्रदेश में समाजवादी दल को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था. प्रदेश में युवा मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने पद की शपथ लीथी. सपा की जीत में मुसलिम समाज का बहुत बड़ा हाथ था. आजम खान की अगुवाई में सरकार ने वादा किया कि मुसलिम वर्ग को उनकी संख्या के […]

चार साल पहले उत्तर प्रदेश में समाजवादी दल को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था. प्रदेश में युवा मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव ने पद की शपथ लीथी. सपा की जीत में मुसलिम समाज का बहुत बड़ा हाथ था.
आजम खान की अगुवाई में सरकार ने वादा किया कि मुसलिम वर्ग को उनकी संख्या के मुताबिक आरक्षण मिलेगा़ दूसरी तरफ पिछले दिनों हरियाणा के जाटों ने आरक्षण के नाम पर अपने प्रदेश में बर्बादी का खेल खेलकर विकासवादी नारे को कई वर्ष पीछे धकेल दिया.
हर नेता आरक्षण के नाम पर अपनी नेतागिरी चमकाना चाहता है, कई प्रदेशों में आरक्षण के लिए आवाज उठ रही है. धर्म के आधार पर संविधान में आरक्षण का प्रावधान ही नहीं है. संविधान में यह निश्चय होना चाहिए कि अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ क्या है.
संघर्ष यादव, ई-मेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >