सतलज-जमुना लिंक नहर को लेकर पंजाब की हरियाणा की राजनीति अजीबोगरीब स्तिथि में पहुंच गयी है़ पंजाब में अगले साल विधानसभा में चुनाव होने हैं और बादल सरकार की विदाई निश्चित है़ ऐसे में बादल ने सरकार से रूठे हुए ग्रामीणों और किसानों को नहर की जमीनें भर कर वापस करनी शुरू कर दी है़ इस बाबत विधानसभा में बिल भी पास हो चुका है़
बिना राज्यपाल की मंजूरी के किसानों को आनन-फानन में जमीन पर कब्जा देना भी शुरू कर दिया गया है़ इस मामले में अकाली दल, भाजपा, कांग्रेस और आप पार्टी के नेताओं को यह सूझ नहीं रहा है कि वे इस फैसले का स्वागत करें या विरोध़
जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर
