हमारे देश में उद्योगपतियों का नाम बड़े आदर से लिया जाता है़ वजह है कि वे नौकरियों का सृजन करते हैं और अपने व्यवसाय के जरिये लाभ अर्जित कर देश को लाभ पहुंचाते हैं, जिनसे विकास कार्यों को रफ्तार मिलती है़ यही नहीं, वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं.
उदाहरण के लिए रतन टाटा, मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, अजीम प्रेमजी, आदित्य बिड़ला के नाम लिये जा सकते हैं. दूसरी तरफ विजय माल्या साहब भी हैं, जो सरकारी कर्ज से खेल की टीमें खरीदते हैं और हर साल कैलेंडर लांच करते हैं, जिन पर लड़कियों की अर्धनग्न तसवीरें छपती हैं. कर्ज न लौटाने की स्थिति में बैंकों को उनकी संपत्ति कुर्क करनी चाहिए़
पालुराम हेंब्रम, पूर्वी सिंहभूम
