हमारे देश में कई देशभक्त हुए हैं, जो देशहित के लिए सर्वस्व अर्पण कर िदया है. संस्कारों के धनी इस देश में छिपे गद्दारों से देश को बचाने के लिए आज भी ऐसे ही सपूतों की जरूरत है.
सीमा पर तैनात हमारे जांबाज सैनिक प्राणों की आहूति देकर बाह्य आक्रमणों से देश को बचाने में लगे हैं, लेकिन देश में छिपे इन देशद्रोहियों से भारत को कौन बचायेगा? विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नशे में चूर होकर जिस देश में ये रहते हैं, उसी देश का वजूद खत्म करने की कोशिश करना कहांं की समझदारी है? ये लोग क्यों भूल जाते हैं कि जब देश रहेगा, तभी तो अधिकार मिलेंगे.
