झारखंड के नेता वोट तो यहां के लोगों से लेते हैं, लेकिन उन्हें अधिकतर चिंता दूसरे राज्यों की ही रहती है़ जेपीएससी की हालात कुछ ऐसी ही है. हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था़ दूसरे राज्यों में सूबे के अभ्यर्थियों के लिए नौकरी में सीटें आरक्षित हैं, लेकिन झारखंड में ऐसा प्रावधान नहीं है़ राज्य सरकार को युवाओं के हित में इस ओर ध्यान देना चाहिए.
विकास कुमार, ई-मेल से
