झारखंड के पठारी भागों में सड़क मार्ग आवागमन का सबसे बड़ा जरिया है़ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच पथ का निर्माण समय-दर-समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है, जो राज्य के साथ राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा साबित हुआ है़ वहीं दूसरी तरफ इस जनोपयोगी अवागमन साधन के सहारे तेज रफ्तार से यात्रा करने की मुहिम जान पर भारी पड़ रही है़
उदाहरण के तौर पर हम राज्य के चुटूपालू, रामगढ़, पतरातू आदि घाटियों पर ध्यान लगायें, तो इन रास्तों पर तीखे घुमावदार ब्लाइंड मोड़ और ढलानदार मोड़ बेहद जानलेवा हैं. घाटी से गुजरते वक्त घुमावदार सड़क में सफर का अलग ही आनंद मिलता है लेकिन जरा-सी लापरवाही से जान-माल की क्षति भी कम नहीं होती़ ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभियंताओं का ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहूंगा, ताकि कोई घाटी खूनी न बने़
नियारन बारला, रांची
