देश के विरुद्ध नारा लगाना जुर्म

अभी जेएनयू का नारेबाजी प्रकरण सुर्खियों में है. मेरी नजर में देश विरोधी नारे लगानेवाला अपराधी ही कहलायेगा, चाहे वह कोई भी हो. उसे दंड भी जरूर मिलना चाहिए. लेकिन, यह नहीं कहा जा सकता कि जेएनयू के विद्यार्थियों ने ऐसा किया है. इस मुद्दे पर यह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बदनाम भी हो रहा है. यह […]

अभी जेएनयू का नारेबाजी प्रकरण सुर्खियों में है. मेरी नजर में देश विरोधी नारे लगानेवाला अपराधी ही कहलायेगा, चाहे वह कोई भी हो. उसे दंड भी जरूर मिलना चाहिए.
लेकिन, यह नहीं कहा जा सकता कि जेएनयू के विद्यार्थियों ने ऐसा किया है. इस मुद्दे पर यह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बदनाम भी हो रहा है. यह सवाल भी उठ रहा है कि देश के विरुद्ध नारा लगाना देशद्रोह है कि नहीं? देशद्रोह का तो पता नहीं, पर यह एक संगीन अपराध है.
क्योंकि, हमारे देश के कानून के अनुसार, संविधान का अपमान करना जुर्म है. राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना जुर्म है. राष्ट्रगीत का अपमान करना जुर्म है. तो फिर जिसने भी ऐेसी नारेबाजी की, उसके मन में इन सब का आदर नहीं है. आपकी नजर में यह कौन-सी श्रेणी का अपराध है?
-पालुराम हेंब्रम, सालगाझारी

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