भारत रत्न पर कांग्रेस का स्वार्थ
यह सही है कि महानतम बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर भारत रत्न के हकदार थे, लेकिन संन्यास के तुरंत बाद ही इस पुरस्कार को दिये जाने की घोषणा कर यूपीए सरकार ने मौके को भुनाने की कोशिश की है.... यह सर्वोच्च पुरस्कार सचिन को बाद में भी दिया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इस लालच में […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
December 10, 2013 4:46 AM
यह सही है कि महानतम बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर भारत रत्न के हकदार थे, लेकिन संन्यास के तुरंत बाद ही इस पुरस्कार को दिये जाने की घोषणा कर यूपीए सरकार ने मौके को भुनाने की कोशिश की है.
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यह सर्वोच्च पुरस्कार सचिन को बाद में भी दिया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इस लालच में आकर जल्दबाजी कर दी कि चुनावों में सचिन के नाम को भुनाया जा सके. लेकिन सचिन को ऐसी किसी राजनीति का चारा बनने से बचना चाहिए. अन्यथा उनके ऐसे प्रशंसक जो भाजपा के भी समर्थक हैं, उन्हें निराशा हो सकती है.
आज देश की लगभग 80 } जनता सचिन और एनडीए, दोनों को पसंद करती है, ऐसे में सचिन को राजनीति से दूर रहना चाहिए. मेजर ध्यानचंद और अटल बिहारी वाजपेयी भी इस सम्मान के हकदार थे, पर कांग्रेस ने स्वार्थवश इन्हें नजरअंदाज कर दिया.
आनंद चंद्रवंशी, मरहेड़ी, चौपारण
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