दिल्ली में नयी ताकत से आशा

ताजा विधानसभा चुनाव नतीजों से यह साफ है कि यह जनता यानी आम आदमी की ऐतिहासिक जीत है. इससे सत्तारूढ़ कांग्रेस की आंखों की चौंध अब टूट जानी चाहिए. उधर दूसरी ओर, भाजपा और अन्य शासक दलों को भी इससे कुछ बड़ा सबक लेने की सख्त जरूरत है. अन्ना आंदोलन के रंग का असर अब […]

ताजा विधानसभा चुनाव नतीजों से यह साफ है कि यह जनता यानी आम आदमी की ऐतिहासिक जीत है. इससे सत्तारूढ़ कांग्रेस की आंखों की चौंध अब टूट जानी चाहिए. उधर दूसरी ओर, भाजपा और अन्य शासक दलों को भी इससे कुछ बड़ा सबक लेने की सख्त जरूरत है. अन्ना आंदोलन के रंग का असर अब साफ है, जो इस देश को अब जरूर हिला कर रख देगा.

इसे जागरूक जनता अच्छी तरह समझ चुकी है. नरेंद्र मोदी के आगे आने से भाजपा को कुछ ताकत जरूर मिली है. इसलिए अब कांग्रेस को भी अपनी डूबती नैया बचाने के लिए नये, पारदर्शी, सही व कल्याणकारी कार्यक्रम के साथ राहुल की जगह प्रियंका या किसी और अच्छे असरदार नेता को आगे लेकर ही अब आगे चलना होगा. अब केजरीवाल, मोदी और प्रियंका का मुकाबला ही जनता शायद देखना चाहती है.

वेद मामूरपुर, नरेला, दिल्ली

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