नरेंद्र मोदी के बयान कि कश्मीर में लागू धारा 370 पर बहस की जरूरत है, पर फारूक अब्दुल्ला की तीखी प्रतिक्रिया कि मोदी अगर 10 बार भी प्रधानमंत्री बन जाएं, तब भी वह कश्मीर से धारा 370 नहीं हटवा सकते, इस बात को साबित करता है कि वे कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते हैं.
हाल ही में, कश्मीर विश्वविद्यालय में फिल्म हैदर की शूटिंग के दौरान तिरंगा झंडा फहराने पर वहां के छात्रों ने आपत्ति जतायी थी और फिल्म की शूटिंग रोकनी पड़ी थी. इस घटना पर अब्दुल्ला की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आयी थी. भारत विरोध के नाम पर अब्दुल्ला परिवार कश्मीरियों के साथ है, लेकिन कश्मीर को एक आम हिंदुस्तानी राज्य की तरह दरजा दिये जाने की बात पर वह तिलमिला क्यों जाते हैं? आखिर क्यों चाहिए कश्मीर को विशेष अधिकार?
दिलीप कु मिश्र, रेजो, गढ़वा
