भ्रष्ट केवल नेता ही नहीं, हम भी

आज के जमाने में देश में भ्रष्टाचार दिनो-दिन बढ़ता जा रहा है. इस भ्रष्टाचार की ही देन है कि गरीब और गरीब, और अमीर और अमीर होते जा रहे हैं. पुराने जमाने में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. लेकिन आज हालात पूरी तरह से बदल गये हैं. आज हमारा देश अरबों रुपये […]

आज के जमाने में देश में भ्रष्टाचार दिनो-दिन बढ़ता जा रहा है. इस भ्रष्टाचार की ही देन है कि गरीब और गरीब, और अमीर और अमीर होते जा रहे हैं. पुराने जमाने में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. लेकिन आज हालात पूरी तरह से बदल गये हैं. आज हमारा देश अरबों रुपये के कर्ज में डूबा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है देश में भ्रष्टाचार का बढ़ना. लोग अपने फायदे के लिए जाने-अनजाने हर काम कर लेना चाहते हैं, चाहे वह देश के लिए अहितकारी ही क्यों न हो!

भ्रष्टाचार की मुख्य वजह है जमाखोरी और भेदभाव. आज नेता के साथ-साथ जनता भी अपने स्तर से ही सही, भ्रष्टाचार की संस्कृति को बढ़ाने में अपना योगदान दे रही है. ऐसे में जो फायदा गरीबों को मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं मिल पाता है. उदाहरण के लिए बीपीएल योजना को ही ले लीजिए. सरकार ने इसे उन लोगों के लिए शुरू किया था, जो गरीबी रेखा से नीचे हैं.

इसके तहत उन्हें सस्ते दर पर अनाज और कुछ अन्य जरूरी चीजें मुहैया करायी जाती हैं. लेकिन कई संपन्न लोग यह नहीं समझना चाहते कि यह समाज के कमजोर तबके के लोगों के लिए है, वे अपना नाम भी बीपीएल सूची में डलवा लेते हैं और अनुचित लाभ पाने लगते हैं. इसी तरह सरकार ने समाज की पिछड़ी जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षण का नियम लागू किया हुआ है, जिसके तहत वे शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों में प्रवेश पाकर अपना जीवन स्तर ऊपर उठा सकें. लेकिन उनमें से भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो पहले से सुखी-संपन्न हैं और फिर भी यह लाभ पा रहे हैं. यह दूसरों का हक मारना ही तो है. लेकिन हम अपने भीतर कभी झांक कर नहीं देखते कि हम खुद कितने भ्रष्ट हैं और दूसरों पर आरोप लगाते रहते हैं.

अभिषेक कु सिंह, चितरा, देवघर

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