अब जब सचिन तेंदुलकर क्रि केट की सभी विधाओं से दूर होंगे, तो खेल-प्रेमियों को उनकी याद जरूर आयेगी. उनके बेहतरीन शॉट अक्सर हमारी आंखों के सामने होंगे. मीडिया में सचिन के कारनामों की चर्चा तो होगी, लेकिन सारी बातें अतीत की होंगी.
अब सचिन की तरफ से नये कीर्तिमान बनने बंद हो जायेंगे. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि जब वह आखिरी टेस्ट के पहले दिन बल्लेबाजी करने वानखेड़े मैदान में उतरे, तो दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया और पूरी भारतीय टीम उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दे रही थी. विदाई के वक्त सचिन ने जो भावुक भाषण दिया उससे उनके प्रशंसकों की आंखें नम हो गयीं. पूरे देश की नजर उस दिन सचिन पर थी. सचिन भले ही क्रिकेट के मैदान में अब नजर नहीं आयेंगे, लेकिन वह हमेशा ही हमारे दिल में बसे रहेंगे. अब शायद ही सचिन जैसा कोई क्रिकेटर बन पायेगा.
सोनी, बरियातू
