ट्रिपल आइटी की कितनी जरूरत ?

कांके झारखंड में ट्रिपल आइटी केंद्र को मंजूरी झारखंड के लिए एक बुरी खबर है, जो शायद तथाकथित सुसंस्कृत लोगों को अच्छी लगे. समझ में नहीं आता कि जिस राज्य में भयंकर गरीबी, कुपोषण, भुखमरी, अशिक्षा और नक्सलवाद की समस्या हो, वहां पर ट्रिपल आइटी की क्या जरूरत है? झारखंड में प्राथमिक शिक्षा का हाल […]

कांके झारखंड में ट्रिपल आइटी केंद्र को मंजूरी झारखंड के लिए एक बुरी खबर है, जो शायद तथाकथित सुसंस्कृत लोगों को अच्छी लगे. समझ में नहीं आता कि जिस राज्य में भयंकर गरीबी, कुपोषण, भुखमरी, अशिक्षा और नक्सलवाद की समस्या हो, वहां पर ट्रिपल आइटी की क्या जरूरत है? झारखंड में प्राथमिक शिक्षा का हाल छिपा हुआ नहीं है और शिक्षक नियुक्ति की स्थिति भी अधर में है, ऐसे राज्य में ट्रिपल आइटी खुलने को है.

जमीन के लिए आबादी को हटाया जायेगा. विरोध हुआ, तो गिरफ्तारियां होंगी. जरूरत पड़ने पर खाली जमीन पर प्राथमिक विद्यालय खोला जा सकता है. अनाज गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, मछली पालन केंद्र भी बनाया जा सकता है जिससे लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठे. लेकिन वहां ट्रिपल आइटी देना ऐसा होगा कि किसी भूखे को स्मार्टफोन दे दिया जाये.

राजन सिंह, ई-मेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >