पूर्व मुख्यमंत्री और रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव को जो सजा मिली है, इससे पूरे राजनीतिक जगत में हलचल मच गयी है. उनके बचाव में कई मंत्री, कई नेता आगे आ रहे हैं. सबने एक ही रट लगा रखी है कि उन्हें राजनीति के तहत फंसाया गया है. अब आप ही बताइए कि क्या लालू जी बच्चे हैं, जो उनको फंसाया जा रहा है और वह फंसते जा रहे हैं. लालू जी राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी हैं, जिन्हें फंसाना नामुमकिन है.
और उन पर जो भी आरोप लगाये गये हैं वे बेबुनियाद होते तो आज वह सलाखों के पीछे नहीं होते. एक बहुत ही जरूरी बात हम भूल रहे हैं कि यह अदालत का फैसला है, इसलिए हमें इसका सम्मान करना चाहिए. अगर हम बार-बार यह कहें कि लालू जी दोषी नहीं हैं, उन्हें फंसाया गया है, तो सच बदल नहीं जायेगा. अगर वह दोषी नहीं है तो बाइज्जत बरी हो ही जायेंगे.
पालुराम हेंब्रम, सलगाझारी
