भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप के सेमीफाइनल में हार गयी. हार के बाद क्रिकेट प्रेमियों का गुस्सा अजीब था. उनका यह गुस्सा न केवल हास्यास्पद था, बल्कि निंदनीय भी. किसी ने घर की टीवी को तोड़ दिया, तो किसी ने जान तक दे दी.
सीमा से परे खिलाड़ियों की जम कर खिंचाई की गयी. जिसके लिए कल तक ये खिलाड़ी भगवान के समान थे, हार के बाद वे सबसे बड़े खलनायक नजर आने लगे. इस बीच सवाल यह पैदा होता है कि आखिर देशवासियों का यह प्रेम अन्य खेलों पर क्यों नहीं उमड़ता? क्या अन्य खेलों के खिलाड़ी देश के लिए नहीं खेलते.
साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बन गयीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके नाम का कहीं चर्चा तक नहीं किया गया. कुछ खास लोगों ने उन्हें बधाई दी. अत: लोग क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी महत्व दें.
विवेकानंद विमल, पाथरोल, देवघर
