सड़क पर चल रहे वाहनों की गति पर रोक लगाना खुद में एक बड़ी समस्या बन गयी है. सरकार नियम बनाती है, मगर पालन कुछ लोग ही करते हैं. आज के युवा समझ नहीं पाते कि जिंदगी अनमोल है. तेज रफ्तार के कारण अपनी जान गंवाते ही हैं, लेकिन कई बेगुनाहों की जान भी चली जाती है.
सड़क मानो मौत का आशियाना है. ट्रक, बस, डंपर, हाइवा सभी इतनी तेज गति से सड़कों पर दौड़ते हैं कि लोग जब तक खुद को संभालते हैं, तब तक दुर्घटना घट जाती है. वाहनों की गति जितनी अधिक तेज होगी, लोगों की जिंदगी भी उसी रफ्तार से जायेगी. कुछ पीकर, तो कुछ बिना पिये ही खुद को हीरो समझ कर दुर्घटना को जान-बूझ कर अंजाम देते हैं. इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने की जरूरत है. जब तक युवा सतर्क नहीं होंगे, इस पर रोक नहीं लगेगी.
मंजरी मिश्र, जमशेदपुर
