सभी देशवासी करें सहयोग

आज हमारे देश में किसी भी दुर्दशा का मुख्य कारण एक-दूसरे को सहयोग नहीं करना है. जब हम एक-दूसरे की जरूरतों की अनदेखी कर देते हैं और अपने आप को समाज से अलग मानने लगते हैं, तब स्थिति भयावह हो जाती है. आज मैं आप सभी का ध्यान एक मसले की ओर आकृष्ट करवाना चाहती […]

आज हमारे देश में किसी भी दुर्दशा का मुख्य कारण एक-दूसरे को सहयोग नहीं करना है. जब हम एक-दूसरे की जरूरतों की अनदेखी कर देते हैं और अपने आप को समाज से अलग मानने लगते हैं, तब स्थिति भयावह हो जाती है. आज मैं आप सभी का ध्यान एक मसले की ओर आकृष्ट करवाना चाहती हूं.
बिहार के छपरा व उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की सीमा पर स्थित एक गांव है सिताब दियारा, जहां लोकनायक जय प्रकाश पैदा हुए थे. इस क्षेत्र में सरयू नदी जेपी के घर की ओर बढ़ रही है, जिससे गांववाले एकजुट होकर आपसी सहयोग से बचाव कार्य कर रहे हैं. प्रशासनिक स्तर से इस दिशा में कोई काम नहीं करवाया जा रहा है. नदी के कटाव से गांव मात्र कुछ सौ मीटर की दूरी पर रह गया है.
सरकार की ओर से इस प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए पूर्व में कराये गये कार्यो में सफलता नहीं मिलने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही मोरचा संभाल लिया है. इस बचाव कार्य को अंजाम देने में ग्रामीणों को करीब 50 लाख रुपये की जरूरत है. अभी तक लोगों ने आपसी चंदे से सिर्फ तीन लाख रुपये ही एकत्र हो पाये हैं. अब भी 47 लाख रुपये की दरकार है. हम सभी को इस बचाव कार्य के लिए मिल कर सहयोग करना चाहिए. अपनी एकता दिखाने का वक्त आ गया है, जो कहीं गुम हो गयी है. हम सबको इसकी शुरुआत करनी होगी.
मेरा सभी देशवासियों से अनुरोध है कि वे इस बचाव कार्य को पूरा करने में ग्रामीणों का सहयोग करें. इससे न केवल किसी गांव के लोगों की जिंदगी बदल सकती है, बल्कि वहां के लोगों का भविष्य भी संवर सकता है. इस मुहिम से जुड़ने के लिए लोगों को महान आंदोलनकारी जयप्रकाश नारायण के रास्ते पर चलना होगा. आइए, हम ग्रामीणों की मदद करें.
अक्षत सिन्हा, रांची

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