लोकसभा चुनाव के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों से वादा किया था कि उनकी एक इंच जमीन छिनने नहीं दी जायेगी. इतना ही नहीं, उन्होंने झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान भी चाईबासा की रैली में आदिवासियों से सीएसटी की रक्षा करने का वादा किया था तथा उनकी जमीन नहीं छिनने देने की बात कही थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण विधेयक को लोकसभा में पारित कर उन्होंने देश के किसानों को अपनी मंशा बता दी है.
हद तो तब हो गयी, जब बीते रविवार को उन्होंने रेडियो के माध्यम से देश के किसानों को बरगलाने की कोशिश की. उनकी मंशा भांप कर ही फरवरी में देश की जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है. दिल्ली में हराने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी सबक सिखा दिया. इससे उन्हें चेत जाना चाहिए और जल्दी से भूमि अधिग्रहण बिल वापस ले लेना चाहिए.
सुमन कुमार सिंह, जमशेदपुर
