पहले अमल करें, फिर उपदेश दें

हर मनुष्य में कोई न कोई योग्यता होती है. वह यह जानता है कि यदि वह उन बातों पर अमल करे, तो दुनिया का श्रेष्ठ व्यक्ति बन सकता है. लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं जो समझने-बूझने के बाद अच्छी बातों पर अमल करते हों. हां, यह बात जरूर है कि लोग मुफ्त की सलाह […]

हर मनुष्य में कोई न कोई योग्यता होती है. वह यह जानता है कि यदि वह उन बातों पर अमल करे, तो दुनिया का श्रेष्ठ व्यक्ति बन सकता है. लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं जो समझने-बूझने के बाद अच्छी बातों पर अमल करते हों. हां, यह बात जरूर है कि लोग मुफ्त की सलाह देते हुए दूसरों पर अमल करने के लिए दबाव बनाते हैं.
होना तो यह चाहिए था कि पहले लोग महात्मा गांधी की तरह खुद ही गुड़ खाने से परहेज करते, फिर दूसरों को गुड़ खाने से मना करते, लेकिन लोग खुद गुलगुला तो खायेंगे, लेकिन दूसरे को गुड़ से परहेज करने की बात कहेंगे. आज तक दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जिसने अपने जीवन में कभी झूठ न बोला हो, लेकिन वह दूसरों को झूठ बोलने से मना करता है. इसलिए लोगों को चाहिए कि पहले अच्छी बातों पर खुद अमल करें, फिर दूसरों को उपदेश दें.
राहुल कुमार राज, सरायकेला

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