आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल और उनकी टीम की वास्तविकता अब जनता के सामने आ रही है. उधर, वादों की जगह जुमले देनेवाली मोदी सरकार से भी जनता का मोह बड़ी तेजी से भंग हो रहा है. इसका नतीजा दिल्ली विधानसभा चुनाव में सामने आ ही चुका है. ये पार्टियां जितनी तेजी और ताकत से उभरी थीं, उतनी ही तेजी से गिरती भी नजर आ रही हैं.
इससे साफजाहिर होता है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में अब कांग्रेस ही देश का कुछ भला कर सकती है. इसलिए लोगों को फिर से कांग्रेस पर ही भरोसा होने लगा है. राहुल देश में चली राजनैतिक उठापटक और खुद अपनी पार्टी की कमियों से अच्छा खासा सबक भी शायद ले चुके हैं. इसलिए ही तो वे अपने विशेष विचार मंथन के लिए अज्ञातवास पर चले गये. इसके लिए उन्हें अब बिलकुल नये सिरे से कार्यक्रम तय करना होगा.
वेद प्रकाश, नरेला, दिल्ली
