हे प्रभु! गरीबों पर भी जरा ध्यान दें

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में अपना सालाना बजट पेश कर दिया, लेकिन इससे देश के कितने लोगों को फायदा होगा? इस साल का रेल बजट देश के गरीबों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाया? रेल बजट से देश के लोगों को बहुत आशा थी. देश का ज्यादातर आम आदमी रेल से ही […]

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में अपना सालाना बजट पेश कर दिया, लेकिन इससे देश के कितने लोगों को फायदा होगा? इस साल का रेल बजट देश के गरीबों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाया? रेल बजट से देश के लोगों को बहुत आशा थी. देश का ज्यादातर आम आदमी रेल से ही सफर करता है.
रेल मंत्री से लोगों को यह उम्मीद थी कि वे लोकल ट्रेनों का यात्री किराया न बढ़ाते हुए उसमें सुविधाएं उपलब्ध करायें. उन्होंने यात्री किराये में बढ़ोतरी न करके गरीबों का ख्याल करने की कोशिश तो की, लेकिन मालभाड़े में बढ़ोतरी कर उसकी कमर तोड़ने का काम कर दिया है. देश में आज भी कई ऐसे मार्ग हैं, जिन पर नयी लोकल ट्रेन चलाने और एकल लाइन को दोहरीकरण करने की जरूरत है, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया है. लोकल ट्रेनों में गरीब यात्री सबसे अधिक यात्रा करते हैं.
पंकज मोदक, धनबाद

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