पुरुषों को भी मिले वीआरएस

कोल इंडिया में महिलाओं को वीआरएस का प्रावधान स्वागत योग्य कदम है, परंतु पुरुषों के लिए वीआरएस की ओर भी ध्यान देना चाहिए. आज बहुत से कोयलाकर्मी ऐसे हैं, जो शरीर एवं बीमारी से कार्य करने में असमर्थ हैं, पर वे मजबूरीवश अपने आप को अनफिट नहीं करा सकते और वे बिचौलियों के चक्कर में […]

कोल इंडिया में महिलाओं को वीआरएस का प्रावधान स्वागत योग्य कदम है, परंतु पुरुषों के लिए वीआरएस की ओर भी ध्यान देना चाहिए. आज बहुत से कोयलाकर्मी ऐसे हैं, जो शरीर एवं बीमारी से कार्य करने में असमर्थ हैं, पर वे मजबूरीवश अपने आप को अनफिट नहीं करा सकते और वे बिचौलियों के चक्कर में पड़ कर भारी राशि गवां देते हैं.
कोयला कर्मियों के अधिकतर आश्रित बेरोजगार ही हैं.कोल इंडिया के चैयरमैन व ट्रेड यूनियन को इस ओर ध्यान देना चाहिए. अनेक कोयलाकर्मी ऐसे हैं, जो शराब एवं जुए की लत के कारण सूदखोरों की चंगुल में फंसे हुए हैं. कोयलाकर्मी सूदखोर के चक्रव्यूह में ऐसा फंसता है कि अंतत: सूदखोर कोयलाकर्मी को समय से पहले गोल्डन दिला कर अपना पैसा वसूल कर उन्हें एवं उनके आश्रितों को गरीबी की दलदल में धकेल देता है.
बिरजू चौहान, ई-मेल से

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >