किसे फायदा होगा इस इंटरव्यू से?

दिसंबर 2012 में दिल्ली में ‘निर्भया’ के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी जघन्य हत्या ने पूरे देश को आंदोलित कर दिया था. समाज का हर तबका इस आंदोलन से जुड़ा, जिसका नतीजा यह हुआ कि इस मामले में सरकार भी मुखर हुई और बलात्कार पर सख्त से सख्त सजा की मांग को स्वीकार किया. […]

दिसंबर 2012 में दिल्ली में ‘निर्भया’ के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी जघन्य हत्या ने पूरे देश को आंदोलित कर दिया था. समाज का हर तबका इस आंदोलन से जुड़ा, जिसका नतीजा यह हुआ कि इस मामले में सरकार भी मुखर हुई और बलात्कार पर सख्त से सख्त सजा की मांग को स्वीकार किया.
यह एक ऐसी शर्मनाक घटना है जिसे समाज को लगातार याद दिलाना चाहिए, तब तक जब तक कि समाज में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जातीं. लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय चैनल ने ठीक इसके विपरीत आगामी आठ मार्च को विश्व महिला दिवस पर जो प्रसारित करने का एलान किया है वह किसी भी सभ्य समाज के लिए घातक है.
निर्भया कांड के एक दोषी, जिसे न्यायालय मृत्युदंड दे चुका है, उसका इंटरव्यू महिला दिवस के अवसर पर प्रसारित होना है. जिसका प्रचार-प्रसार फिलहाल चल रहा है.
मेरी दृष्टि से यह उस बलात्कारी और हत्यारे का महिमामंडन करना है. जाहिर है जैसे सभी अपराधी खुद को निदरेष कहते हैं, ठीक वैसे ही निर्भया कांड के इस दोषी ने आरोपी भी इंटरव्यू में खुद को निदरेष बताया होगा और इस जघन्य घटना का सारा दोष निर्भया को दिया होगा. इससे तो बलात्कारियों का मनोबल बढ़ेगा और जिस मानसिकता ने निर्भया कांड को जन्म दिया उस मानसिकता के लोग खुद को सम्मानित महसूस करेंगे.
इस सनसनीखेज इंटरव्यू से चैनल क्या हासिल करना चाहता है और समाज को क्या संदेश देना चाहता है? क्या इस इंटरव्यू से महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी या उनकी सुरक्षा में सेंध लगेगी? अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर खेला जा रहा यह खेल मीडिया के लिए शर्म की बात है. इससे महिला सशक्तीकरण के आंदोलन को जबरदस्त धक्का लगेगा.
गणोश सीटू, हजारीबाग

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