स्वाइन फ्लू की होलिका जले

होली रंग, उमंग और हर्षोल्लास का त्योहार है. यह हमें सामाजिक समरसता के संदेश के साथ-साथ होलिका दहन का भी अवसर प्रदान करता है. होलिका के रूप में हम अपनी बुराइयों और सामाजिक कुरीतियों का दहन करते हैं. हमारे देश में स्वाइन फ्लू का वायरस अवांछित रूप से फैल रहा है. यह रोग अभी तक […]

होली रंग, उमंग और हर्षोल्लास का त्योहार है. यह हमें सामाजिक समरसता के संदेश के साथ-साथ होलिका दहन का भी अवसर प्रदान करता है. होलिका के रूप में हम अपनी बुराइयों और सामाजिक कुरीतियों का दहन करते हैं. हमारे देश में स्वाइन फ्लू का वायरस अवांछित रूप से फैल रहा है. यह रोग अभी तक हजारों जानें ले चुका है.
इस रोग के लगातार प्रसार का कारण इसके वायरस का हवा में फैलना है. विशेषज्ञों द्वारा बताया जा रहा है कि इलायची और कपूर जला कर इसके धुएं से स्वाइन फ्लू के वायरस को हवा में निष्क्रि य किया जा सकता है. अत: प्रभात खबर के माध्यम से लोगों से मेरी अपील है कि होलिका दहन के दौरान इलायची और कपूर का दहन भी करें, जिसके धुएं से हमारा वातावरण स्वाइन फ्लू के वायरस से मुक्त हो सकता है. इस बार स्वाइन फ्लू के दहन का प्रण लें.
अनंत महेंद्र, रामगढ़

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