शराब पर पाबंदी लगनी चाहिए

स्वच्छ, स्वस्थ और सभ्य भारत के लिए शराब जैसी भयंकर गंदगी पर पूर्ण पाबंदी जरूरी है. महात्मा गांधी, सरदार पटेल और मोरारजी देसाई जैसे अनेक नेता शुरू से ही इसके सख्त खिलाफ थे. मगर बड़े दु:ख की बात है कि बापू जी के सिद्धांत और विचारधारा की पैरोकार कांग्रेस ही शुरू से इसे रोकने के […]

स्वच्छ, स्वस्थ और सभ्य भारत के लिए शराब जैसी भयंकर गंदगी पर पूर्ण पाबंदी जरूरी है. महात्मा गांधी, सरदार पटेल और मोरारजी देसाई जैसे अनेक नेता शुरू से ही इसके सख्त खिलाफ थे.
मगर बड़े दु:ख की बात है कि बापू जी के सिद्धांत और विचारधारा की पैरोकार कांग्रेस ही शुरू से इसे रोकने के बजाय, राष्ट्रीय आय की गलत दलील देकर इसे बढ़ावा देती रही है. दुर्भाग्य से बाद की पार्टियां भी उसी ढर्रे पर रही हैं. शराब से न जाने अब तक कितने परिवार बर्बाद हो चुके हैं और हो रहे हैं.
हर साल न जाने कितनी मौतें इसी से होती हैं. आय की बात पर बड़ी हैरानी इसलिए है क्योंकि यह तो कई गलत कार्यो से भी है. मगर क्या ये सभी उचित हैं? शराब ही तो कई बीमारियों, अपराधों और दुर्घटनाओं की जड़ है. इससे शारीरिक और मानसिक कार्यक्षमता का भी ह्रास होता है. सरकार इस बारे में सोचे.
वेद मामूरपुर, दिल्ली

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