योग्य लोग आयें राजनीति में

सत्ता की बाजीगरी एवं दावं-पेच से झारखंड की राजनीति अभिशप्त है. यहां विकास की बयार बहने से पहले ही सियासतदानों को अपनी कुर्सी की चिंता सता रही है. वे सब कुछ पांच साल तक के लिए पक्का कर लेना चाहते हैं. मौजूदा राजनीतिक हालात इस बात के साफ संकेत देते हैं कि सता के बाजीगरों […]

सत्ता की बाजीगरी एवं दावं-पेच से झारखंड की राजनीति अभिशप्त है. यहां विकास की बयार बहने से पहले ही सियासतदानों को अपनी कुर्सी की चिंता सता रही है. वे सब कुछ पांच साल तक के लिए पक्का कर लेना चाहते हैं. मौजूदा राजनीतिक हालात इस बात के साफ संकेत देते हैं कि सता के बाजीगरों की मंशा क्या है. काश! राजनीति के इस महान यज्ञ में देश, राज्य एवं समाज को समर्पित कुछ राजनेता मिल पाते, जिससे आम लोगों का मनोबल एवं विश्वास बढ़ पाता.

इस देश के तमाम उच्च शिक्षित नौजवानों एवं उनके अभिभावकों से उम्मीद की जानी चाहिए कि वे कम से कम अपने एक बच्चे की सक्रिय राजनीतिक भागीदारी तय करें. कहा जाता है कि राजनीति में भाग न लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि अयोग्य लोग शासन करने लगते हैं. नालायकों से बचने के लिए योग्य लोग जरूरी हैं.

राजेश वसुधा, ई-मेल से

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